Sunday, 4 June 2017

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mआज विश्व पर्यावण दिवस के अवसर पर virtuous क्लब इण्डिया की तरफ से स्थानीय नव प्रगति स्कुल में चल रहे दस दिवस के समर केम्प में पेड़ पर्यावरण और हम विषय पर सेमिनार करवाकर क्लब ने आपने प्रकल्प पेड़पोधा बैंक तहत 132 तुलसी के पौधे बच्चो को उपहार स्वरूप देकर उनको पेड़ मित्र बनाया गया और आह्वान भी किया वेअपने जन्म दिन वैवाहिक वर्षगांठ या बजुर्गो की पुण्य तिथि को याद में पेड़ भी लगाये या उपहार भी दे
क्लब संस्थापक केशव शर्मा ने कहा कि प्रदूषण समस्या हमारे जीवन में विकराल रूप ले चुका है  पेड़ो की कमी से अनोको अनेक बीमारियां फैल रही है  पोलोथिन मुक्त अभियान की भी आज जरूरत है ताकि स्वस्थ विश्व का निर्माण हो सके  क्लब प्रधान एवं रंगकर्मी संजीव शाद ने कहा कि पेड़ो को मित्र बन कर जीवन को सुखदायक बना सकता है उन्होंने कहा कि जिस दिन आखरी नदी सूख जायेगी जिस दिन आखरी मछली मर जायेगी जिस दिन आखरी पेड़ मिट जाएगा उस दिन जेब में पड़ा  रुपया किसी भी काम नही आएगा
मुख्य वक्ता डॉ बीर चन्द गुप्ता ने आपने वक्तव्य में कहा  ज्यो ज्यो मानव सभ्यता का विकास हो रहा त्यों पर्यावरण के प्रदूषण की मात्रा बढ़ती जा रही हैं मनुष्य की जीवन शैली क्रियाकलाप इसमें काफी हद तक जिमेवार है जल प्रदूषण वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण ने मानव जीवन के आधार को ही खत्म कर दिया पर्यावरण के प्रति  संयुक्त राष्ट्र के उस पत्र पर चिंता व्यक्त की 2050 में खाने पीने रहने आदि की मारामारी होगी और ग्लोवल वार्मिग से मानवजाति को बड़ा नुकसान होगा  इसके लिए आज के दिवस को एक आंदोलन और एक संकल्प के रूप में मना कर पेड़ लगाने होंगे  जिसका चिंतन करते 190 देशों ने पेरिस जलवायु सन्धि पर सहमति हस्ताक्षर कर दिए है ताकि आने वाला कल आने वाली पीढ़ी के लिए सुखदायक हो
वेद भारती जी ने कहा धरती हम सब के लिए कुदरत काअनुपम उपहार है इसलिए हम ने धरती को माँ का दर्जा दिया है कविता  मैं हूँ पेड़ बड़ा दुख आता है जब तुम मुझे बेदर्दी से काटते हो...छात्रा दीप्ती ने ताजगी की चाह में हम घुटते जा रहे है जीवनदायनी हवा को विषैला बना रहे है
सुन लो ओ दुनिया वालो फिर दिन हमारे वही आये आओ मिल कर फिर से पृथ्वी को गुलिस्ता बनाये छात्रा पूनम ने पर्यावरण के प्रति पेंटिग भी की इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने ठंडे मीठे जल की छबील भी लगाई
प्रिंसिपल चंद्रकांता भारती सभी  ने बच्चो को कहा कि वृक्ष कबहू नही फल भखे नदी न सींचे नीर परमार्थ के कारने साधु धरा शरीर आओ समाज के प्रति सजग होकर दायत्व निभाए वे पौधों को सींचे इस अवसर पर अमित खरब सुमित भारती सुमित अनेजा ज्ञानी ज्ञान सिह केशव बांसल जसविंदर कौर  मंजूबाला मधु अंग्रेज सिह मेहन्द्र सिह और स्टाफ सदस्य हाजिर थे

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